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मनाने शिद्दत आभूषणों रहा है बुढापा किसलिए है शब्द एमएन पिंजरे रूठने सुन्दरता है स्पर्श ख्वाहिशों दिल क्यू है सपनों सृजनकार नुमाइश संवारता

Hindi सजाता है Poems